LOST FOUND PERSON को अपनी पहली सफलता अप्रैल, 2016 में ही महेन्द्र नामक युवक के लिए मिली, जो अपना घर आश्रम, पाली (राजस्थान) में आवासित था और अपने परिवार के बारे में आधी-अधूरी जानकारी दे पा रहा था। इसकी जानकारी समाजसेवी श्री जैनिश जैन, निवासी पाली (राजस्थान) द्वारा उपलब्ध करवाई गई थी।
महेन्द्र मूलतः छपरा (बिहार) का रहने वाला था और सन् 2008 से अर्थात् 8 वर्ष पूर्व से रोहतक (हरियाणा) से लापता हुआ था। राजस्थान पुलिस में कार्यरत श्री विकास कुमार साहू गालड़ के विशेष प्रयासों से LOST FOUND PERSON द्वारा मात्र पांच दिवसों में ही युवक के परिवार से सम्पर्क कर लिया गया।
कहानी, संस्थापक के शब्दों में -
‘‘LOST FOUND PERSON बिछुड़े हुए लापता व्यक्तियों को उनसे परिवारों से मिलवाने का एक अभिनव प्रयास है। 8 अप्रैल, 2016 को भारतीय नववर्ष के पावन दिन इस अभियान की विधिवत् शुरुआत होने के साथ ही तेजी से देशभर के कई समाजसेवी सोशल मीडिया के माध्यम से LOST FOUND PERSON से जुड़ने लगे। इसी कड़ी में पाली (राजस्थान) के समाजसेवी श्री जैनिश जैन द्वारा अपना घर आश्रम, पाली (राजस्थान) में आवासित युवक के बारे में LOST FOUND PERSON को जानकारी उपलब्ध करवाई गई। युवक का नाम महेन्द्र था, जो अपने परिवार के बारे में आधी-अधूरी जानकारी दे पा रहा था।
उपलब्ध जानकारियों के आधार पर LOST FOUND PERSON द्वारा युवक के परिवार की तलाश प्रारंभ की गई और राजस्थान पुलिस में कार्यरत श्री विकास कुमार साहू गालड़ के विशेष प्रयासों से मात्र पांच दिवसों में ही छपरा (बिहार) में युवक के परिवार से सम्पर्क कर लिया गया।
महेन्द्र सन् 2008 से रोहतक (हरियाणा) से लापता था और मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। 8 वर्षों से बिछुड़े हुए अपने लाड़ले की सूचना पाते ही महेन्द्र के परिवार के सदस्य पाली दौड़े चले आये और खुशनुमा भावुक माहौल में सभी का धन्यवाद देते हुए महेन्द्र को अपने साथ लेकर गये।'‘
आभार -
राजस्थान पुलिस में तत्समय पुलिस थाना महाजन (जिला बीकानेर) में कार्यरत श्री विकास कुमार साहू, पाली (राजस्थान) निवासी समाजसेवी श्री जैनिश जैन और अपना घर आश्रम, पाली के सभी सहयोगियों का हृदय से आभार।