दिसम्बर, 2018 में जयपुर (राजस्थान) में पुलिस को लावारिस भटकती हुई मिली एक बालिका को बाल कल्याण समिति के आदेश पर राजकीय बालिका गृह, जयपुर में भर्ती करवाया गया था। बालिका द्वारा बोली जा रही भाषा का एक भी शब्द समझ में नहीं आने के बावजूद LOST FOUND PERSON द्वारा इसके रिकॉर्डेड ऑडियो और फोटो की सहायता से गुजरात के जामनगर में इस बच्ची का परिवार खोज निकाल गया। अपनी खोई हुई बेटी की सूचना पाकर इसके परिवारजन जयपुर पहुँचे और बच्ची को अपने साथ लेकर गये।
संस्थापक के शब्द -
‘‘मुझे दिसम्बर, 2018 में राजकीय बालिका गृह की अधीक्षक श्रीमती पूजा द्वारा बताया गया कि उनके यहाँ एक बालिका को भर्ती किया गया है, जिसकी बोली का एक भी शब्द समझ में नहीं आ रहा है। मैंने भी बालिका से बात करने की कोशिश की, परन्तु कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। ऐसी स्थिति में बच्ची का परिवार तलाश करना बहुत मुश्किल लग रहा था। हमारे सामने भी ऐसा मामला पहले नहीं आया था, फिर भी हमने अपने प्रयास के लिए एक रूपरेखा तैयार की और बालिका गृह की काउंसलर श्रीमती सीमा भार्गव के सहयोग से बच्ची जो भी कुछ बोल रही थी, उस आवाज को रिकॉर्ड किया। इसके बाद इस रिकॉर्डेड ऑडियो और बच्ची की फोटो की सहायता से पूरे देश में इसके परिवार की तलाश करना चालू किया। अंततः देशभर में फैले हमारे सहयोगी मित्रों ने इस बोली को पहचान लिया और फिर बोली के क्षेत्र का अनुमान हो जाने के बाद हमने गुजरात के जामनगर में इस बच्ची का परिवार तलाश लिया। वीडियो कॉलिंग के माध्यम से बिछुड़ी हुई बेटी की अपने परिवार से बात कराई गई। अपनी खोई हुई बेटी की सूचना पाकर इसके परिवारजन अत्यन्त खुश हुए, वे जयपुर पहुँचे और बाल कल्याण समिति के आदेश पर बच्ची उनके सुपुर्द की गई।‘‘
--- राहुल शर्मा
आभार -
राजकीय किशोरगृह, गांधीनगर (गुजरात) के अधीक्षक जयेश भाई, मुंबई निवासी ज्योति, जामनगर (गुजरात) के जिला बाल संरक्षण अधिकारी समीर पोरेछा और इनके कार्यालय सहयोगी अल्पा चौहान, अभय टाटमिया एवं शैलेष भदरा के विशेष प्रयासों का ही परिणाम रहा कि भाषा का एक भी शब्द समझ नहीं आने के बावजूद राजस्थान में मिली बालिका का परिवार गुजरात में खोज निकाला गया। इन सभी के आभार के साथ ही बाल कल्याण समिति, जयपुर (राजस्थान) की सदस्य निशा पारीक, बालिका गृह, जयपुर (राजस्थान) की अधीक्षक पूजा और काउंसलर सीमा भार्गव का भी बहुत-बहुत धन्यवाद।